फसल में कीड़े लग जाएं तो किसान की सबसे बड़ी चिंता होती है कि कौन सी दवा काम करेगी। बाजार में बहुत सारी कीटनाशक दवाएं मिलती हैं और कई बार अलग-अलग नाम वाली दवाओं का काम करने का तरीका भी एक जैसा हो सकता है। ऐसे में सही दवा चुनना जरूरी हो जाता है।
यहीं पर IRAC Classification काम आता है। इसे बहुत आसान भाषा में समझें तो यह कीटनाशक दवाओं को उनके काम करने के तरीके के हिसाब से अलग-अलग ग्रुप में बांटने की व्यवस्था है।
IRAC Classification क्या होता है?
IRAC Classification से पता चलता है कि कोई कीटनाशक कीड़े पर किस तरीके से असर करता है। हर कीटनाशक का काम करने का तरीका एक जैसा नहीं होता।
किसान जब किसी दवा को खरीदते हैं तो केवल उसका नाम या कंपनी देखने के बजाय उसका IRAC Group भी देख सकते हैं। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि वह दवा किस तरह काम करती है।
एक ही दवा बार-बार डालने से क्या दिक्कत हो सकती है?
अगर एक ही तरह से काम करने वाली कीटनाशक दवा का बार-बार इस्तेमाल किया जाए तो कीड़ों पर उसका असर कम हो सकता है। इसलिए केवल दवा का ब्रांड बदलना ही काफी नहीं है।
यह देखना भी जरूरी है कि दूसरी दवा का IRAC Group अलग है या नहीं। अगर Mode of Action अलग है, तो दवाओं के काम करने के तरीके में भी अंतर होता है।
Mode of Action का मतलब क्या है?
Mode of Action का सीधा मतलब है कि कीटनाशक कीड़े पर किस तरीके से काम करता है।
किसी दवा को समझते समय उसका तकनीकी तत्व और IRAC Group देखना मददगार होता है। इससे पता चलता है कि अलग-अलग दवाएं वास्तव में किस तरह के ग्रुप में आती हैं।
कीटनाशक खरीदते समय क्या देखें?
बाजार में कई कीटनाशक अलग-अलग नामों से मिलते हैं। इसलिए सिर्फ नाम देखकर यह नहीं मानना चाहिए कि हर दवा अलग तरीके से काम करती है।
दवा लेते समय इन बातों पर ध्यान दें:
- कीटनाशक का तकनीकी तत्व देखें।
- उसका IRAC Group देखें।
- Mode of Action की जानकारी देखें।
- एक ही Mode of Action वाली दवाओं का बार-बार इस्तेमाल करने से बचने के लिए Group की जानकारी समझें।
IRAC Classification किसानों के लिए क्यों जरूरी है?
IRAC Classification को समझने से किसान यह पहचान सकते हैं कि अलग-अलग कीटनाशक किस तरह के ग्रुप में आते हैं। इससे कीट नियंत्रण के लिए दवा चुनते समय केवल कंपनी या ब्रांड के नाम पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
सीधी बात यह है कि कीटनाशक की असली पहचान सिर्फ उसके नाम से नहीं होती। उसका IRAC Group और Mode of Action भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इन्हें समझकर किसान अपनी फसल में कीट नियंत्रण के लिए दवाओं का चुनाव ज्यादा सही तरीके से कर सकते हैं।


