धान में तना छेदक + पत्ती लपेटक का जबरदस्त कंट्रोल, सही दवा और छिड़काव का तरीका

Excellent control of leaf folder

धान की फसल में तना छेदक और पत्ती लपेटक जैसे कीट दिखाई देने लगें तो समय रहते उनका नियंत्रण करना जरूरी है। तना छेदक पौधे के तने को नुकसान पहुंचाता है, जबकि पत्ती लपेटक पत्तियों को लपेटकर उन्हें नुकसान पहुंचाता है।

इन कीटों के लिए अलग-अलग कीटनाशक विकल्प उपलब्ध हैं। सही दवा का चुनाव करते समय खेत में कीट का प्रकोप और दवा के लेबल पर दी गई जानकारी को ध्यान में रखना चाहिए।

तना छेदक की पहचान कैसे करें?

तना छेदक का प्रकोप होने पर धान के पौधों के तने को नुकसान पहुंचता है। इसका असर पौधे की बढ़वार पर दिखाई दे सकता है। अधिक प्रकोप में पौधे की बालियां भी प्रभावित हो सकती हैं और सफेद बालियों जैसी समस्या दिखाई दे सकती है।

इसलिए खेत में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर कीट की पहचान करके समय पर नियंत्रण की ओर ध्यान देना चाहिए।

पत्ती लपेटक कीट का नियंत्रण

पत्ती लपेटक धान की पत्तियों को लपेटकर नुकसान पहुंचाता है। इसके नियंत्रण के लिए प्रोफेनोफॉस 50 ईसी का उपयोग करने की कृषि सलाह दी गई है। 1 लीटर प्रति हेक्टेयर की मात्रा 500 से 600 लीटर पानी में इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

छिड़काव करते समय पत्तियों की निचली सतह तक दवा पहुंचना जरूरी बताया गया है, क्योंकि कीट वहां भी मौजूद हो सकता है।

तना छेदक के लिए कौन सी दवा इस्तेमाल करें?

तना छेदक के नियंत्रण के लिए कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड और फिप्रोनिल जैसे विकल्पों की कृषि सलाह दी गई है। कुछ कृषि सलाह में कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड 4G या फिप्रोनिल 0.3GR का उपयोग बताया गया है।

एक अन्य कृषि सलाह में कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड 50 प्रतिशत SP की 30-35 ग्राम मात्रा को 15 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने की जानकारी दी गई है। इससे तना छेदक के साथ पत्ती लपेटक और दूसरे कीटों के नियंत्रण में भी मदद मिल सकती है।

स्प्रे करते समय इन बातों का रखें ध्यान

कीटनाशक का छिड़काव करते समय केवल दवा का नाम जानना पर्याप्त नहीं है। उसकी मात्रा और इस्तेमाल का तरीका भी सही होना चाहिए।

  • दवा की मात्रा हमेशा उसके लेबल के अनुसार रखें।
  • पत्तियों की निचली सतह तक अच्छी तरह छिड़काव करें।
  • छिड़काव के समय खेत की स्थिति का ध्यान रखें।
  • एक ही कीटनाशक का लगातार इस्तेमाल करने के बजाय उसके Mode of Action पर भी ध्यान दें।

धान को तना छेदक और पत्ती लपेटक से कैसे बचाएं?

धान में तना छेदक और पत्ती लपेटक दिखाई देने पर पहले कीट की सही पहचान करना जरूरी है। इसके बाद उसी के अनुसार कीटनाशक का चयन करें। तना छेदक के लिए कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड जैसे विकल्प बताए गए हैं, जबकि तना छेदक और पत्ती लपेटक दोनों के लिए कुछ कृषि सलाह में प्रोफेनोफॉस का भी उल्लेख है।

दवा की मात्रा फसल, उत्पाद के formulation और स्थानीय कृषि सलाह के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए इस्तेमाल से पहले उत्पाद के लेबल पर दी गई मात्रा और सावधानियों को जरूर देखें।

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